कविता की बेसिक बातों को कविता का रूप देने का मेरा छोटा प्रयास "कविता का स्वरूप" सभी विद्वानों के विचारों का अंतिम सार, कविता कवि के भावनाओं का उदगार, मुख्य रूप से इनके तीन प्रकार, महाकाव्य, खंडकाव्य, मुक्तक काव्य, कविता के सौंदर्य का भेद है चार, प्रस्तुत योजना, भाव, नाद, विचार, प्रेम, करूणा, क्रोध, हर्ष, उत्साह, मर्मस्पर्शी चित्रण कविता का भाव, काव्य की आत्मा, सृजन भाुकतावश, साहित्य शास्त्रों ने बताया इसी को रस, श्रृंगार, वीर, हास्य, करुण, रौद्र, शांत, भयानक, अद्भुत, विभत्स, रस के नौ अवतार, वात्सल्य और भक्ति रस के अन्य प्रकार, परवर्ती आचार्यों ने किया जिन पर विचार, विचारों की उच्चता में निहित काव्य की गरिमा, कबीर, रहीम, तुलसी, वृंद के दोहे, गिरधर की कुंडलियां, कविता का नाद सौंदर्य, छंदबद्ध रचना, संगीतत्मकता, गेयात्मकता, सरल जिसे पढ़ना, लय, तुक, गति, प्रवाह का समावेश, वर्ण, शब्द का सार्थक समुचित विन्यास, वर्णों की आवृत्ति, नाद का मोहक आकर्षण, करे पाठक को मंत्रमुग्ध, साहित्य का सर्वश्रेष्ठ सृजन, दृश्यों, रूपों, तथ्यों का हृदयग्राही उभार, उपमा, उपमेय, अप्रस्तुत योजना मूल आधार, क...