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अगस्त, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आत्महत्या कर नहीं सकता, बिहार का होनहार लाल

आत्महत्या कर नहीं सकता, बिहार का होनहार लाल छोटे शहर से आया था एक बड़ा सितारा, कुकर्मों की काली छाया ने जिसे मार डाला, मर कर भी तूं लाखों दिलों पर राज करता रहेगा, पूछे सारा देश तेरे कातिलों को सजा कब मिलेगा, जांच के नाम पर साक्ष्यों पर आंच आती रही, आख़िर क्यों, मुंबई पुलिस सच छिपाती रही, कुछ सफ़ेदपोशों के इशारों पर सब काम हुआ है, मायानगरी की रंगीन दुनिया फ़िर बदनाम हुआ है, खूबसूरत किरदारों से दुनियां को छलने वालों, अंदर कुछ, बाहर से कुछ और दिखने वालों, एक कमिनी ने अपनी सारी हदों को पार कर दिया, झुठे प्यार का तिलिस्म, धोखे से वार कर दिया, मोहब्ब्त की खूबसूरती ही तेरा वजूद,  इसी से चमकता है यह पर्दे की दुनियां, बना कर चार यार, प्यार को हथियार, पावन प्रेम को तूने कलंकित कर दिया, सीबीआई जांच का पूरा देश करता इस्तकबाल, न्याय पर हमें भरोसा, गुनहगारों जुर्म करो इकबाल, संघर्ष हमारी प्रवृति और संस्कृति, जानता है काल, आत्म्हत्या कर नहीं सकता, बिहार का होनहार लाल,

प्रेरणा

प्रेरणा ... दर्द का सैलाब, आंखो का समंदर, तड़पता दिल छिपाए तुफान अंदर, तुझे कैसे बताऊं, मैंने क्या खोया है, मेरी आंखे नहीं दिल कई बार रोया है, अतृप्त मेरा मन, प्यासा मेरा जीवन, यादों की कब्र में खुशीयों का दफन, निराशा के गर्त में सपनों का हवन, तुझे भूलने का असफल अनंत प्रयत्न, मुझे पता है, तुम मुझसे बहुत ही खफा हो, जुदाई से कम, मेरे हालत से दुःखी ज्यादा हो, अपनों ने खूब छला, अब यही मेरी नियती है, तुम्हारे अल्फाजों वाली प्रेरणा भी कहां मिलती है...

फ़ैशन की डायन

फ़ैशन की डायन देखो फैशन का आया ज़माना, गाय चराने में जिन्हें आती शर्म, सोसल स्टेटस सिंबल बन गया, उनके लिए कुत्तों को घूमाना, गोबर से जिन्हें आती है बदबू, गोद में करा पॉटी, पाती खुशबु, ऐसी आधुनिकता का सब दीवाना, गाय से बेहतर जहां कुत्ताें का पैखाना, दूध है अमृत, जाने सारा ज़माना, आउट डेटेड फैशन दूध पीना पिलाना, पिज़्ज़ा बर्गर बिन माने नहीं हसीना, चार कदम चलकर पूस में पोछे पसीना, अपना काम करने में भी आये इनको दांती, बिना बात भी घंटो ज़ुबान चलाती, आल इंडिया के कलह का खबर लाती, फुटा ढोल की आवाज में चाव से सुनाती, टिक टोक में लकवा पेशेंट सा मुंह भी बनाती, फेसबुकिया हीरो को लट्टू की तरह खूब नचाती, घंटो मां को फोन पर अपना दुखड़ा सुनाती, फ़ैशन की डायन खुद के जीवन में आग लगाती,

धोनी

धोनी @ बिपिन कुमार चौधरी अनहोनी को करने वाला होनी, क्रिकेट को अलविदा कह गया धोनी, तुझे लोग कभी भूल नहीं पायेगा, तेरा हेलिकॉप्टर शॉट बहुत याद आयेगा, भारत को विश्व विजेता जिसने बनाया था, क्रिकेट पंडितो को कई कई बार चौंकाया था, तेरी कप्तानी के जलवे कौन भूला पायेगा, कैप्टन कुल की आक्रामकता बहुत याद आयेगा, तेरा हुनर सर्वोत्तम, तेरा सोंच अलबेला, कठिन परिस्थितियों में तेरा जैसा कोई नहीं खेला, क्रिकेट का इतिहास जब भी लिखा जायेगा, भारतीय क्रिकेट में धोनी युग स्वर्णिम कहलायेगा...

शराफत

शराफत @ बिपिन कुमार चौधरी जिनसे हाल चाल पूछने का इन्तजार था, वही मुझे गिड़ाने का जाल बुन रहे थे, जिन्हें खुश करने की तरकीबें खोज रहा था, वही लोग मुझे रूलाने का मौका ढूंढ रहे थे, मुझे उड़ने की तम्मना नहीं है, मुझे कुछ भी खोने का ग़म भी नहीं है, तुझ जैसा चांडाल मुझे गिरा दे,   तेरे इतनी औकाद और दम नहीं है, तूं फिर मेरे किसी अपने को ही मूर्ख बनायेगा, मोहरा कोई और होगा, शिकार तूं मुझको बनायेगा, इसलिए मैंने भी एक अजीब शौक पाल लिया है, अपनों पर शक करना मेरी आदत बन गई है, खुद शीशे के घर में रहने वालों,  मेरे घर पत्थर फेंकते हो, फेंक सकता हूं, पलट कर वही पत्थर, तेरा ढाल मेरी खुद की शराफत बन गई है...

आओ सब मिलकर बनाएं - "राष्ट्रवादी सरकार"

आओ सब मिलकर बनाएं - "राष्ट्रवादी सरकार" जब जब होता, झूठ स्वीकार, तब तब होता, सच का शिकार, आम आदमी आज भी लाचार, आम आदमी था कल भी लाचार, मुद्दे से भटकना इनका संस्कार, मुद्दे से भटकाना उनका कारोबार, एक खैरात पाने को बेइंतहा बेकरार, दूजा इसे बांट करता सत्ता पर अधिकार, समस्या जटिल लेकिन सरल उपचार, सबसे पहले आओ बदलें अपना विचार, देश हमारा, हमें किसका इंतजार, जाति धर्म की बेड़ियों पर करना होगा वार, नफरत फैलाने वालों का करना होगा बंटाधार, सबको शिक्षा, हर हाथ में रोजगार, कानून का राज, फले फूले व्यापार, सीमा सुरक्षित, राष्ट्रीय अखंडता रहे बरकरार, तुष्टिकरण का नहीं हो घृणित संस्कार, रिश्वतखोरी पर हो अंकुश, बन्द करे कालाबाजार, सेवा की अाड़ में नहीं करे भ्रष्टाचार, आओ सब मिलकर बनाएं, ऐसा राष्ट्रवादी सरकार... @बिपिन कुमार चौधरी (शिक्षक)     कटिहार, बिहार