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७५. समस्या है गंभीर, करना होगा चिंतन ... @

समस्या है गंभीर, करना होगा चिंतन ... ✍ बिपिन कुमार चौधरी चारों ओर घमासान हाहाकार, प्रकृति करती मानवता से पुकार, ऐसी तरक्की को है धिक्कार, मानव-अस्तित्व मुक्त जो करे संसार... जीवन के लिये अनमोल है पानी, इसके बग़ैर बड़ी मुश्किल जिन्दगानी, पेय जल के दुरुपयोग की मनमानी, परेशान है बचपन, तंग जवानी ... गंभीर समस्या बना जल प्रदूषण, पर्यावरणविद कर रहे गंभीर मंथन, विकास कर रहा नित्य विनाश का सृजन, भविष्य क्या वर्तमान में भी व्याकुल  जीवन... कितने विलुप्त हो गए, कितनों का संकट में है जीवन, निज स्वार्थ में प्रकृति का दमन, यही मूर्खता नष्ट कर देगा यह उपवन ... पीने का पानी है अनमोल रत्न, इसके संरक्षण का करें जतन, इसके अभाव मे मुश्किल जीवन, समस्या है गंभीर, करना होगा चिंतन ...