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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

लेखक की कलम से (जीवनधारा)

* लेखक की कलम से * मनुष्य कितना भी प्रयत्न कर ले लेकिन  अक्सर मनुष्य की नीयत और नियति में एक बहुत बड़ा फासला होता है। इसके लिए निसंदेह बहुत सारी स्थितियां और परिस्थितियां जिम्मेदार होती है और विषम से विषम परिस्थितियों में भी सबसे बड़ा सत्य वर्तमान होता है। भूत को हम कोस सकते हैं और बेहतर भविष्य की कामना कर सकते हैं लेकिन इन तमाम किन्तु परन्तु के बीच जीवनधारा अपने ही मदमस्त चाल में अनवरत चलती रहती है। अपनी प्रथम पुस्तक काव्य संग्रह जीवनधारा में जीवन के विभिन्न कालक्रम में अपनी अनुभूतियों को छंदबद्ध पंक्तियों में प्रस्तुत करने का मैंने छोटा सा प्रयास किया है। एक साधारण किसान का लड़का होने के कारण, किसानों की समस्याओं, उसके टूटते - बिखरते सपनों और फिर एक नई आशा की मद्धिम सी किरण एवं सुनहरे भविष्य की तलाश में नए उत्साह के साथ जीवन जीने का पराक्रम, मैंने बहुत करीब से महसूस किया है। इसलिए मैंने अपनी कविताओं में अन्नदाता किसान परिवार  की पीड़ा के चित्रण का भी प्रयास किया है। पालनहार का संस्कार और मजबूर अन्नदाता मेरी इन्हीं भावनाओं को अभिव्यक्त करती हुई कविताएं हैं। मैंने उदास, निरा...

नया इतिहास

नया इतिहास -------------------------------------------- विकास - विकास, करते - करते, नाश हम अपना कर बैठे, प्रकृति के साथ करके छेड़छाड़, अपने अस्तित्व का उपहास कर बैठे, खुशहाली के लिए किया जतन, जीवन के आनंद का ह्रास कर बैठे, वन समाप्त, आश्रितों का जीवन समाप्त, आहार श्रृंखला का सर्वनाश कर बैठे, पानी की किल्लत, सांस लेने की जिल्लत, यह कैसा विकास हम कर बैठे, जीडीपी का मचा कर हाय तौबा, इंसानों को मशीन बना बैठे, शक्तिशाली होने का कैसा भूत सवार, विध्वंस का जखीरा सज़ा बैठे, सोशल मीडिया की क्या धूम मची है, पड़ोसी को अजनबी बना बैठे, सूचना क्रांति का कोई जोड़ नहीं, बच्चों को वयस्क बना बैठे, शांति की तलाश, सुकून की प्यास, क्या क्या नहीं हम गवां बैठे, ग्रुर हमें अपनी तरक्की पर बहुत था, कोरोना की तबाही से एक नया इतिहास बना बैठे....

मौत

मौत -------------------- कठिनाइयों का दौड़, जीवन का मोड़, वक्त का तकाजा, सांसों की डोर, कोई नहीं जाने, नियति के फसाने, कर्मों की दुहाई, हर दर्द की दवाई, कृत संकल्प, पुरुषार्थ का बल, सुखद जीवन का रहस्य, रखे आनंदित प्रतिपल, विघ्न बहुत है, पीड़ाएं भी कम नहीं, रब पर जिनका भरोसा, उनके जीवन में गम नहीं, सुख दुःख का आना, निर्बल का हार जाना, शंकाएं बहुत है, क्रूरतम सत्य है, एक बात बहुत खास, कराता एहसास, रुको ना मुसाफ़िर, जब तलक जीवन है, करो तुम संघर्ष, रुकना ही मरण है...

जीवनधारा

जीवनधारा ---------------------------------------------- कोई नहीं चाहे गम यहां पर, खुशियां ही सबको है प्यारा, चलता नहीं किसी का वश, यही है धुवसत्य जीवनधारा, माया जाल में गोता लगाएं, ज्ञान, धन या रुतबा जुटाएं, कितना भी कर लें हमारा तुम्हारा, मृत्यु द्वार तक ले जाये जीवनधारा, बेचा ईमान, चाहे किया महादान, करती यह है, सबका कल्याण, सेठ, साहूकार या हो निर्धन - बेसहारा, सबकी नाव खेबे यही जीवनधारा, जन्म मृत्यु का जीवन चक्र, खुशी और गम इसका किनारा, करे चाहे हम लाख जतन, निर्बाध, उन्मुक्त यह है बंजारा, रहो चिंतामुक्त, करो सत्कर्म, रहेगा अमर, कृति और जीवन, जब तलक रहेगा चांद सितारा, यही पावन संदेश देता जीवनधारा...

वाग्देवी का आशीष

वाग्देवी का आशीष भांति भांति के लोग यहां, भांति भांति के विचार, सोच, समझ कीजिए भरोसा, परखिए मिश्री, फिटकरी का व्यवहार, मान सबको प्यारा लगे, मार्गदर्शन करे अपमान, मूर्ख धनानंद की धृष्टता, मौर्य का हुआ उत्थान, बदनामी से डरिये नहीं , बदगुमानी है बड़ा रोग, नित्य आगे बढ़ते रहिये, विजय रहस्य है मनोयोग, संवाद में बहुत शक्ति है, विवाद करे ऊर्जा ह्रास, समय कीजिए नहीं व्यर्थ, कीजिए नहीं कभी उपहास, भय में याद आते भगवान, जिनकी इच्छा हम बने इंसान, व्यर्थ रहा कृष्ण का भी ज्ञान, निज स्वार्थ में पतित सर्वोपरि संतान, निंदा में आनंद बहुत है, बुद्धि करता यह भ्रष्ट है, विवेकवान दूरी बनाते हैं, वाग्देवी का आशीष पाते हैं,

गुरुकुल की शिक्षा

आर्यावर्त के गुरुकुल के बाद ऋषिकुल में क्या पढ़ाई होती थी ये जान लेना आवश्यक है इस शिक्षा को लेकर अपने विचारों में परिवर्तन लाये भ्रांतियां दूर करें!!! 1. अग्नि विद्या ( metallergy ) 2 वायु विद्या ( flight )  3 जल विद्या ( navigation )  4 अंतरिक्ष विद्या ( space scienc)  5 पृथ्वी विद्या ( environment ) 6 सूर्य विद्या ( solar study )  7 चन्द्र व लोक विद्या ( lunar study )  8 मेघ विद्या ( weather forecast )  9 पदार्थ विद्युत विद्या ( battery )  10 सौर ऊर्जा विद्या ( solar energy )  11 दिन रात्रि विद्या  12 सृष्टि विद्या ( space research )  13 खगोल विद्या ( astronomy)  14 भूगोल विद्या (geography )  15 काल विद्या ( time )  16 भूगर्भ विद्या (geology and mining )  17 रत्न व धातु विद्या ( gems and metals )  18 आकर्षण विद्या ( gravity )  19 प्रकाश विद्या ( solar energy )  20 तार विद्या ( communication )  21 विमान विद्या ( plane )  22 जलयान विद्या ( water vessels )  23 अग्नेय अस्त्र विद...

निर्लज्ज सवाल

#निर्लज्ज_सवाल ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी संस्कारों का यह सनातन बंधन है, नज़र मिलते हाथ जोड़ना छोड़िये नहीं, कलमकार हुआ कभी नहीं अकिंचन है, पतितों का दंभ तोड़ने से मुंह मोड़ीये नहीं... सुर, कबीर की परंपरा का होता रहे निर्वहन, धनानंद से विक्षिप्त दुष्टों से डरिये नहीं, दिनकर, दुष्यंत के शब्द बाणों का हो महिमा मंडन, कलम की प्रतिष्ठा धूमिल करने वाला काम करिये नहीं, पीड़ा सृजन का मूल आधार है, पीड़ितों के जख्मों को भरीये नहीं, विध्वंस से हो शोषकों का समूल नाश, ऐसा चिंगारी उत्पन्न करने में देर कीजिए नहीं, अपने ही अपनों का ग़ुलाम बन गए, दरिद्रता दूर करने वाले धनवान बन गए, जनता का आशीष पाकर भगवान बन गए, जनसेवक नरभक्षी दानव हैवान बन गए, आंसुओ का सैलाब भी अब सूखने लगा है, मूक बधिर भी निर्लज्ज हो सवाल पूछने लगा है, कर्तव्य भूल अपनी हिस्सेदारी में ख़ूब मशगूल हो, घड़ियाली आंसू बहा हमारे लिए क्यों व्याकुल हो,

भारत के प्रसिद्ध मंदिर और तीर्थ स्थल

https://www.amazon.in/dp/B084H9WSP5/ref=cm_sw_r_wa_apa_i_442UEbT1GBRZG मंदिर का नाम पूरा पता निकटस्थ रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा ऐतिहासिक पृष्ठभूमि निर्माण कला की खासियत मंदिर की विशेषताएं अन्य  ॥ विषय सूची ॥  गणेश जी के प्रसिद्ध मंदिर  1. भारत में भगवान गणपति के प्रसिद्ध मंदिर  2. सिद्धिविनायक  3. श्री सिद्धि-बुद्धि विनायक मंदिर माता के प्रसिद्ध मंदिर माता के प्रसिद्ध मंदिर  4. भारत में मैय्या के देवालय  5. वैष्णो देवी  6. कामाख्या मंदिर  7. मां दुर्गा के 51 शक्तिपीठ  8. पीतांबरा शक्तिपीठ  9. मां पूर्णागिरिधाम  10. कालकाजी मंदिर शिव जी के प्रसिद्ध मंदिर  11. महाकालेश्वर  12. केदारनाथ मंदिर  13. अमरनाथ  14. बारह ज्योतिर्लिंग  15. कैलाश मानसरोवर  16. गोपीश्वर महादेव मंदिर  17. कमलेश्वर महादेव मंदिर श्रीकृष्ण जी के प्रसिद्ध मंदिर  18. वृंदावन में श्रीकृष्ण के प्रमुख मंदिर  19. ब्रज की चैरासी कोस यात्रा  20. बांके बिहारी मंदिर  21. खाटू धाम  22. वृंदावन का इस्कॉन मंदिर...

१२२. बदनामी @

*बदनामी* ✍🏻 *बिपिन कुमार चौधरी* दूध बहुत महंगा हो गया  है, यह शिकायत सरेआम है, मयखाने में कब, कहां, किसने पूछा, इतना महंगा क्यों जाम है... बहुत करते हैं यह लोग मिलावट, हर दूधवाला यहां बदनाम है, शराब की बनावट पर क्यों नहीं एतराज़, कितनों की जिंदगी में लाता यह तूफान है... स्वर्ग की चाहत सबको यहां पर, अमृत पीना बहुत कम चाहते है, खुद के शराबी होने का कारण, अपने बनाए नरक के गमों को बताते हैं, घर घर जाकर, आवाज़ लगाकर, कोई दूध हमें जतन से पहुंचाता है, मिलावटी कहकर करते हम तिरस्कृत, मयखाने वाला ज्यादा सम्मान पाता है, नाम पर करना दंगा फसाद, काम बहुत यह आसान है, मां बोलकर उन्मादी बनने वालों, गो माता की सेवा नहीं आसान है, समाज में इस काम की कोई कद्र नहीं, गौ सेवक भूखे मरे, किसी को फर्क नहीं, भूखा आदमी का कोई ईमान नहीं होता है, रोटी की मजबूरी में दूध में पानी मिलाता है, सनातन संस्कृति के ज्ञानी पाखंडियों, मयखाने बंद होने पर बहुत परेशान हैं, बिहार में दारू की दूकान क्यों बंद है, इसलिए भी नीतीश कुमार कुछ बदनाम हैं....

मेरी १०१ कविताएं (j)

* मेरी १०१ कविताएं * जीवनधारा (कविता संग्रह) संक्षिप्त परिचय बिपिन कुमार चौधरी माता :   श्रीमती इंदु देवी पिता :   जय प्रकाश चौधरी पत्नी  :  ममता कुमारी (शिक्षिका) जन्मदिवस    :  10 दिसंबर 1984 जन्म स्थान :  बिहार (कटिहार)  शिक्षा :  स्नातकोत्तर (हिन्दी)  नालंदा ओपेन युनिवर्सिटी पटना (बिहार) सम्प्रति   : मध्य विद्यालय रौनिया, कटिहार (बिहार) में  शिक्षण कार्य एवं साहित्य सृजन ब्लॉग और Bipin writer के नाम से यूट्यूब चैनल का संचालन वर्तमान निवास  :  बिपिन कुमार चौधरी, ग्राम - बलुआ, पोस्ट - सिक्कट, वाया - सेमापुर, प्रखंड - बरारी, जिला - कटिहार, बिहार पिन कोड - 854115 मोबाइल नम्बर - 7717702376 eMail - bipinkrchoudhary1@gmail.com ✍🏻 दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, राष्ट्रीय सहारा में करियर, युवा एवं आर्ट एंड कल्चर से संबंधी फीचर लेखन,  ✍🏻 मुंबई से प्रकाशित साहित्यनामा पत्रिका और दिल्ली से प्रकाशित निभा पत्रिका में कई कविताएं प्रकाशित ✍🏻पटना से प्रकाशित दैनिक जागरण के "बात बे बात" कॉलम में बीस से ज्...