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फ़रवरी, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

८०. विश्वास @

विश्वास ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी जिंदगी छोटी है,  चाहतें बड़ी बड़ी ... इच्छाएं भले पूरी ना हो ... हसरतें रह जाएं अधूरी  आरजू रब से इतना है,  आहत ना हो मुझसे,  इंसान कोई ... दिल का क्या है  ये टूटता हीं रहता है  गलती इंसान करता है  सजा ये दिल पाता है ... मिन्नत रब से बस इतनी है,  खता ना हो मुझसे ऐसा कोई,   निष्कपट दिल को अगर चोट लगे .... तो खत्म हो जाये हस्ती हमारी ... जानबूझ कर कोई गलती नहीं किया,  ऐसा नहीं की मुझसे ना हुई हो गलती,  गलत को बर्दाश्त ना कर सकूँ,  मेरे ईश्वर मुझे दे तूं इतनी शक्ति ... जिंदगी में गमों का पहाड़ हो,  हर पल नई चुनौती से टकरार हो, मुसीबतों से मैं भले टूट जाऊं,  आत्मविश्वास भले छिन्न भिन्न हो जाये,  इतनी कृपा मुझ पर बनाए रखना,  किसी भले मानस का मुझसे विश्वास टूटे नहीं,

७९. राष्ट्रहित @

राष्ट्रहित ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी मुझे गर्व है, मैं हिन्दुस्तानी हूँ...,  किसी भी धर्म से मेरा बैर नहीं,  अपनी मातृभूमि से मुझे बहुत प्रेम है,  इनसे गद्दारी करने वालों की ख़ैर नहीं,  नेतागिरी की रोटी तुम्हें मुबारक हो, लेकिन हमारे भाईचारे में जहर मत घोलो,  हम आधी रोटी खा कर भी खुशी से जी लेंगे, राष्ट्रहित की सुरक्षा में ज़हर भी पी लेंगे,   अन्नदाता अन्न को मोहताज है,  शहीदों का लहू मांगती इंसाफ है,  अब भी अगर किसी का खून नहीं खोलता है,  इंसान नहीं वो तो जल्लाद है,  तिरंगा फहराने का कुछ लोगों को बहुत शौक है,  हमारे लिये तो यह स्वाभिमान है, धिक्कार है उन निर्लज्जों को... चंद कागज के टुकड़ों के लिये,  जिन्होंने बेच लिया अपना ईमान है ... नमाज़ नहीं पढ़ता तो क्या हुआ,  अल्लाह के तो हम सभी बंदे हैं,  आखिर भारत माता की जय क्यों नहीं बोल सकते, कुर्सी की लड़ाई में कुछ लोग क्यों इतने अंधे हैं.... राष्ट्रहित सर्वोपरि यह हर धर्म बतलाता है,  जब भी हम आपस में लड़ते हैं,  कोई फिरंगी सता कर ...

प्रेरणा

* आइए प्रेरणा की तलाश करें... * (अपनी जीवनी लिखने का मुझे मौका दें) जिंदगी में आज हम जो भी हैं, वही आज हमारी पहचान है लेकिन क्या वाकई हम वो हैं जो होना चाहते थे ? ? ? * शायद नहीं ! ! ! * दरअसल जिं...