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३०. भीड़तंत्र की निर्दयता से सारा देश डर गया... @

#भीड़_तंत्र_की_निर्दयता_से_सारा_देश_डर_गया...

✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी

कितना अजीब,मांगा खूब रहम का भीख,
सामने थे दुष्टों के वंशज, क्रूर दानव पतित,
बिना गुनाह तीनों तड़प तड़प कर मर गया,
भीड़ तंत्र की निर्दयता से सारा देश डर गया,

हिन्दू ह्रदय सम्राट की पावन धरती पालघर,
पागल कुत्तों का झुंड थे बिल्कुल बेखौफ निडर,
अत्याचार की अनंत गाथा से मानवता सिहर गया,
भीड़ तंत्र की निर्दयता से सारा देश डर गया,

लाठी डंडों से बुजुर्ग साधु संतो पर निर्मम वार,
अनसुनी रह गई उनकी हृदयविदारक चीत्कार,
कानून का रखवाला ही इज्जत उसकी हर गया,
भीड़ तंत्र की निर्दयता से सारा देश डर गया,

आम आदमी के जेहन में सिर्फ एक सवाल,
किन पापियों ने किया इंसानियत को कंगाल,
क्षत विक्षत शव सबको आतंकित कर गया,
भीड़ तंत्र की निर्दयता से सारा देश डर गया,

हर भारतीय के दिल से आती सिर्फ एक आवाज,
क्रूरता का नंगा खेल खेलने वालों का हो सत्यानाश,
उपद्रवियों का उत्पात सोचने को विवश कर गया,
भीड़ तंत्र की निर्दयता से सारा देश डर गया

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