आओ सब मिलकर बनाएं - "राष्ट्रवादी सरकार"
जब जब होता, झूठ स्वीकार,
तब तब होता, सच का शिकार,
आम आदमी आज भी लाचार,
आम आदमी था कल भी लाचार,
मुद्दे से भटकना इनका संस्कार,
मुद्दे से भटकाना उनका कारोबार,
एक खैरात पाने को बेइंतहा बेकरार,
दूजा इसे बांट करता सत्ता पर अधिकार,
समस्या जटिल लेकिन सरल उपचार,
सबसे पहले आओ बदलें अपना विचार,
देश हमारा, हमें किसका इंतजार,
जाति धर्म की बेड़ियों पर करना होगा वार,
नफरत फैलाने वालों का करना होगा बंटाधार,
सबको शिक्षा, हर हाथ में रोजगार,
कानून का राज, फले फूले व्यापार,
सीमा सुरक्षित, राष्ट्रीय अखंडता रहे बरकरार,
तुष्टिकरण का नहीं हो घृणित संस्कार,
रिश्वतखोरी पर हो अंकुश, बन्द करे कालाबाजार,
सेवा की अाड़ में नहीं करे भ्रष्टाचार,
आओ सब मिलकर बनाएं, ऐसा राष्ट्रवादी सरकार...
@बिपिन कुमार चौधरी (शिक्षक)
कटिहार, बिहार
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