प्रेरणा ...
दर्द का सैलाब, आंखो का समंदर,
तड़पता दिल छिपाए तुफान अंदर,
तुझे कैसे बताऊं, मैंने क्या खोया है,
मेरी आंखे नहीं दिल कई बार रोया है,
अतृप्त मेरा मन, प्यासा मेरा जीवन,
यादों की कब्र में खुशीयों का दफन,
निराशा के गर्त में सपनों का हवन,
तुझे भूलने का असफल अनंत प्रयत्न,
मुझे पता है, तुम मुझसे बहुत ही खफा हो,
जुदाई से कम, मेरे हालत से दुःखी ज्यादा हो,
अपनों ने खूब छला, अब यही मेरी नियती है,
तुम्हारे अल्फाजों वाली प्रेरणा भी कहां मिलती है...
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