भ्रष्टाचार
इस देश में क्यों नहीं मिटता है भ्रष्टाचार,
इसी तलाश में निकलता है कई बेरोजगार,
जैसे ही मिलता है उसे देश का भ्रष्टाचार,
तत्काल नतमस्तक होकर शुरू करता है व्यापार,
इस प्रकार पाते हैं यहां कई लोग रोजगार,
और नशे में मदमस्त भ्रष्टाचार चलता है बीच बाजार,
लालच जब इसके दुश्मनों का बहुत बढ़ जाता है,
बड़े शिद्दत से बनाने लगते हैं यही लोग सरकार,
जड़ें इसकी बहुत मजबूत, लाचारों पर करता है वार,
आइए अपनी जान बचाएं, जहां मिले करें नमस्कार...
© बिपिन कुमार चौधरी
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