*नंगा नाच कर रहा अभी काल*
✍🏻 *बिपिन कुमार चौधरी*
गला घोंटू वायरस ने किया है बबाल,
अपनों से पूछते रहें सब लोग हालचाल,
किसकी आए बारी, किसका हो जाय बुरा हाल,
जाने कोई नहीं, नंगा नाच कर रहा अभी काल,
दाल रोटी का संकट, उस पर यह कैसा ताल,
गरीबों पर करना मेहरबानी, कमा लेना कभी माल,
संकट गंभीर, आरोप प्रत्यारोप कर करो ना बबाल,
बढ़ाओ सबका हौंसला, नंगा नाच कर रहा अभी काल,
मिलता नहीं जीवन वायु, पैसे वाले भी कंगाल,
कितनों का छूटा दम, मचा है चारों ओर भूचाल,
किसी ने खोया सुहाग, कितनों ने खोया है लाल,
संभल कर रहें सब, नंगा नाच कर रहा अभी काल,
मरना सभी को है, मौत यह बड़ा विकराल,
शव होता क्षत विक्षत, परिजन भी पूछते नहीं हाल,
गला घोंटू वायरस ने मचाया है ऐसा बबाल,
संक्रमण से बचें बचाएं, नंगा नाच कर रहा अभी काल,
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