कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे...
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धान उपजा उपजा कर, हुआ कोई नहीं धनवान,
पागल हो जाता वही आदमी, सुनकर चावल का दाम,
कैसे कोई खेती करे, किसान कैसे न मरे...
डीजल महंगा, खाद महंगा, रोए खूब किसान,
गेहूं में घाटा, घर में नहीं आटा, उस पर कहर बरसाए भगवान,
कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे...
आलू प्याज को मिलता नहीं खरीदार, जब उपजाए किसान,
कोल्ड स्टोरेज वाले बन गए करोड़पति, यह कैसा विधान,
कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे...
साग सब्जी हर घर की जरूरत, बेचना नहीं आसान,
किसान को मिले कोड़ी, बाजार में छुए दाम आसमान,
कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे,
तिलहन उपजा कर तेल निकला, पकड़ा सबने कान,
तेल निकाल बने धन्ना सेठ, बनता नहीं बिन इसके पकवान
कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे,
थाली में पाकर फल मेवा, खुश होते मेहमान,
इसकी खेती में भी रिस्क बहुत, मिलता नहीं उचित दाम,
कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे...
बीबी बच्चे भोजन को रोए, मां बाप बीमारी से हलकान,
नेताजी पांच वर्ष में सपने दिखाकर हो जाते अंतर्ध्यान,
कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे...
सबकी हुई तरक्की, सबको मिला देश में सम्मान,
भूखे पेट जिन्हें नींद आए, सपने में आए सूदखोर, महाजन शैतान,
कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे...
योजनाएं अनंत, चारों ओर जिसके भुजंग, मांगे टेबल के नीचे दान,
मुश्किल दफ्तर की चाकरी, यह लोग रखे अपने काम से काम,
कोई कैसे खेती करे, किसान कैसे नहीं मरे...
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