*शब्द*
✍🏻 *बिपिन कुमार चौधरी*
शब्द होते हैं अनमोल,
जुबां पर लाएं तौल तौल,
भावनाएं रखें नियंत्रित,
बने नहीं फूटा ढ़ोल,
दिल को अगर छू जाए,
बन्द दरवाजे देता है खोल,
अगर चोट लग जाए,
बदल जाता है इतिहास, भूगोल,
दुष्टों की यह प्रवृति,
करते हैं बातें गोल मटोल,
लाख करें हम कोशिश,
भावनाओं का खोल देता है पोल,
क्रोध होता है विनाशकारी,
जिसका कारण कोई बोल,
इंसानों का कोई दोष नहीं,
देवता होते प्रसन्न सुन मंत्रो का बोल,
निरर्थक सभी मेवा, मिष्ठान,
धन, वैभव भी नहीं आता काम,
दिल में चुभ जाए अगर कोई बोल,
इसलिए जुबां पर लाएं इसे तौल तौल...
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