✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
नकारात्मकता तेरा अद्भुत अनुसंधान,
थाली में सजा हो कई स्वादिष्ट पकवान,
पनीर में नमक कम होने का होता गुणगान,
शत शत नमन, तेरी दुष्टता को प्रणाम...
शख्सियत हो चाहे कितना महान,
संघर्ष पथ में जीवन हुआ हो कुर्बान,
जीवन कर दिया भले उन्होंने समर्पित,
त्रुटियां ढूंढने में महारत जज्बे को सलाम,
सृजशीलता का तूं विध्वंसक परिणाम,
सौहाद्र बिगड़ता होता कोई बदनाम,
नफ़रत की ज्वालाग्नि में तड़पता इंसान,
अतृप्त मानसिकता तेरे ज्ञान को प्रणाम,
बोया बबूल याद रख फलेगा नहीं आम,
इसी नफ़रत में होगा तेरा भी काम तमाम,
ईर्ष्या द्वेष के बीज का होगा विभत्स परिणाम,
इसका ज्वलनशील ताप होगा तेरा इनाम,
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