ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...
✍ बिपिन कुमार चौधरी
बलिदान बैज पर मचा क्यों यह हाहाकार है,
शौर्य के सम्मान का नहीं हमें अधिकार है,
आई.सी.सी को हमारा निवेदन भी अस्वीकार है,
ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...
शौर्य के सम्मान का नहीं हमें अधिकार है,
आई.सी.सी को हमारा निवेदन भी अस्वीकार है,
ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...
नाम इसका महेंद्र सिंह धोनी,
दिमाग इसका रहता बहुत हीं ठंडा,
राष्ट्रीय स्वाभिमान हेतु लेता है अक्सर पंगा,
गल्बस से बैज हटवाना बहुत बड़ा खिलवाड़ है,
ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...
दिमाग इसका रहता बहुत हीं ठंडा,
राष्ट्रीय स्वाभिमान हेतु लेता है अक्सर पंगा,
गल्बस से बैज हटवाना बहुत बड़ा खिलवाड़ है,
ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...
बेवजह टिका-टिप्पणी हमारी आदत नहीं,
अन्याय के आगे झुकना हमारी फ़ितरत नहीं,
अपने जवानों की शहादत पर गौरव अगर ग़लती है,
ऐसी गलतियों की सजा भी हमें स्वीकार है,
ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...
अन्याय के आगे झुकना हमारी फ़ितरत नहीं,
अपने जवानों की शहादत पर गौरव अगर ग़लती है,
ऐसी गलतियों की सजा भी हमें स्वीकार है,
ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...
नियमानुकुल व्यवहार भारतीय संस्कार है,
जगतगुरू के वंशज हम, उच्चकोटि का हमारा व्यवहार है,
भारतीय अस्मिता से हमें जान से ज्यादा प्यार है,
धोनी तेरे साथ हम, घर घर से आई पुकार है,
ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...
जगतगुरू के वंशज हम, उच्चकोटि का हमारा व्यवहार है,
भारतीय अस्मिता से हमें जान से ज्यादा प्यार है,
धोनी तेरे साथ हम, घर घर से आई पुकार है,
ऐसे नियमों को हम भारतीयों का धिक्कार है ...

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें