न्याय का बाज़ार
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
काला कोर्ट भी दागदार हुअा है,
अन्याय के जख़्मों से यादगार हुअा है,
लक्ष्मी की बेवफ़ाई से निर्धन लाचार हुअा है,
न्याय का मंदिर भी बाज़ार हुअा है ..
काले कोर्ट की धाराओं में पढ़ा लिखा गंवार हुअा है,
धनवानों के गुनाहों को छिपाने का यह हथियार हुअा है,
कानूनबाजी के गफलत से जीवन इनका गुलजा़र हुअा है,
न्याय का मंदिर भी अब बाज़ार हुअा है ....
शोषण दमन से पीड़ित व्याकुल संसार हुअा है,
इनकी कारिस्तानि से अपराधी होशियार हुअा है,
इंतिज़ार में पलकें पथराई न्याय की आश में बेकरार हुअा है,
न्याय का मंदिर भी अब बाज़ार हुअा है ...
अंबेडकर के वंशजो का यह क्या हाल हुअा है,
विधियों की उलझनों में आमजन बेहाल हुअा है,
न्याय के विश्वास पर आघात बहस शानदार हुअा है,
न्याय का मंदिर भी अब बाज़ार हुअा है ...
विश्वसनीयता धूमिल काले कोर्ट का अजीब संस्कार हुअा है,
न्याय मिले ना मिले पूज्यनीय यह मजार हुअा है,
गरीबों के अरमानों का यहाँ कई बार बलात्कार हुअा है,
न्याय का मंदिर भी अब बाज़ार हुअा है ...
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
काला कोर्ट भी दागदार हुअा है,
अन्याय के जख़्मों से यादगार हुअा है,
लक्ष्मी की बेवफ़ाई से निर्धन लाचार हुअा है,
न्याय का मंदिर भी बाज़ार हुअा है ..
काले कोर्ट की धाराओं में पढ़ा लिखा गंवार हुअा है,
धनवानों के गुनाहों को छिपाने का यह हथियार हुअा है,
कानूनबाजी के गफलत से जीवन इनका गुलजा़र हुअा है,
न्याय का मंदिर भी अब बाज़ार हुअा है ....
शोषण दमन से पीड़ित व्याकुल संसार हुअा है,
इनकी कारिस्तानि से अपराधी होशियार हुअा है,
इंतिज़ार में पलकें पथराई न्याय की आश में बेकरार हुअा है,
न्याय का मंदिर भी अब बाज़ार हुअा है ...
अंबेडकर के वंशजो का यह क्या हाल हुअा है,
विधियों की उलझनों में आमजन बेहाल हुअा है,
न्याय के विश्वास पर आघात बहस शानदार हुअा है,
न्याय का मंदिर भी अब बाज़ार हुअा है ...
विश्वसनीयता धूमिल काले कोर्ट का अजीब संस्कार हुअा है,
न्याय मिले ना मिले पूज्यनीय यह मजार हुअा है,
गरीबों के अरमानों का यहाँ कई बार बलात्कार हुअा है,
न्याय का मंदिर भी अब बाज़ार हुअा है ...

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