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७०. आंसू ग़म का पहचान होता है ... @

आंसू ग़म का पहचान होता है ...

✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी

बच्चों का रोना,
पूरी रात नहीं सोना,
माँ के लिये कठिन इम्तिहान होता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

दुधमुंहे बच्चे के दर्द को समझना,
बिना बोले मुसीबत से निबटना,
वाकई मातृशक्ति महान होता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

हर मांग पूरी करने के लिये जीना,
उसकी ख़ुशी के लिये बहाना पसीना,
बेहद कठिन काम होता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

अनिष्ट के ख्याल से मन विचलित होना,
किसी की सफ़लता के लिये ख़ुद नहीं सोना,
जिंदगी ताउम्र परेशान होता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

उम्र पौधे को सींचने में खोना,
उसी के दिये गम से तन्हाई में रोना,
जिंदगी जहन्नुम इसका नाम होता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

गैरों पर रहम,
अपनों पर सितम,
अपना ख़ून हीं गम से अनजान होता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

बूढ़ा पेड़ और बूढ़ी गाय,
बगिया की रौनक नहीं असहाय,
इनकी दुआ से जिंदगी मेहरबान होता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

आंसू का समंदर,
होकर औलाद बेखबर,
कभी चैन की नींद नहीं सोता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

बुढ़ापे की लाठी,
जन्मभूमि की माटी,
बिना इसके आत्मा बहुत रोता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

सफलता की उड़ान,
माँ-बाप के दुखों से अनजान,
चार धाम के पुण्य को खोता है,
आंसू गम का पहचान होता है...

मुकद्दर का सिकंदर,
पार करता वह तूफ़ान में समंदर,
ऐसा उनका पुण्य-प्रताप होता है,
आंसू गम का पहचान होता है ...

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