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५६. पहला प्रेम पत्र @

  पहला प्रेम पत्र
  (हास्य कविता )

✍ बिपिन कुमार चौधरी
मैंने उसे आज एक  ख़त  लिखा है,
दिल का इजहारे मोहब्बत लिखा है,
यादों से कभी रुखसत नहीं होती हो,
जिंदगी से रहता हूँ बेख़बर हरवक्त लिखा है,
मैंने आज एक प्रेम पत्र लिखा है ....
उसने भी मुझे प्यार से ख़त लिखा है,
पहली लाईन में हीं कमबख्त लिखा है,
तरस मुझ पर उसे बहुत आया है,
अपनी सेंडील को बड़ा सख़्त लिखा है,
कभी हुअा अगर तेरा मेरा सामना,
प्यार का भूत मिनटों में उतर जायेगा,
ख़ुद को उसने चंडी का भक्त लिखा है...
उसने भी प्यार से मुझे ख़त लिखा है...
पहला ख़त हीं मेरे इश्क़ का दफ़न कब्र निकला है,
जवाब देने का अब तक नहीं मुझे  फुरसत मिला है,
भरी बाज़ार में मुझसे हीं टकराने का उसे वक्त मिला है,
सेंडील से पहले उसकी जुबां सख़्त निकला है,
ई मेल के जमाने में गदहे तूने ख़त लिखा है,
सिर्फ 399 के रिचार्ज पर बदल जायेगी तेरी क़िस्मत,
ऐसा प्यारा मुझे मोहब्बत मिला है ...
मैंने आज एक प्रेम पत्र लिखा है ...

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