माँ भारती चिंतित, किस डायन की नजरों से घायल भारतीय संस्कार है...
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
पुरुषोत्तम राम की धरती पर मचा हाहाकार है,
आधुनिकता में काफी पिछे छूट गया संसार है,
संवेदनाएं मृत हुई ऐसा बदला मानवीय व्यवहार है,
माँ भारती चिंतित, किस डायन के नजरों से घायल भारतीय संस्कार है ..
अतिथि देवो भवः, सबसे बड़ा धर्म परोपकार है,
इस पावन धरती पर कुसंस्कृति का कलुषित अत्याचार है,
मानसिक दरिद्रता से नष्ट हुई, मानवता लाचार है,
माँ भारती चिंतित, किस डायन की नजरों से घायल भारतीय संस्कार है ...
दीपमालाओं से सजा कर जहाँ मनाया जाता त्यौहार है,
साधु-संतो की सेवा, निर्धन को दान जहाँ धर्म का आधार है,
मोह माया के त्याग का पाखंड करने वालों के मन में अब व्यभिचार है,
माँ भारती चिंतित, किस डायन की नजरों से घायल भारतीय संस्कार है ...
पूज्यनीय जहाँ नदी-तालाब, मूर्ति संग पूजा जाता मूर्तिकार है,
पशु-पक्षी संग नाग देवता भी श्रद्धा से प्राप्त करता आहार है,
सृष्टि में मानव के सृजनकर्ता माँ-बाप की उपलब्धि बेकार है,
माँ भारती चिंतित, किस डायन की नजरों से घायल भारतीय संस्कार है ...
आयुर्वेद के ज्ञान, जगतगुरू की गरिमा से सम्मानित जिसका इतिहास शानदार है,
हिमालय पर्वत श्रीश, समंदर जिसका पहरेदार है,
आक्रांताओं के अनुकरण में अंधी युवाओं की मानसिकता बीमार है,
माँ भारती चिंतित, किस डायन की नजरों से घायल भारतीय संस्कार है ...
भाषाओं का ज्ञान जिसकी ख्याति, मृतलोक में स्वर्ग जैसा बहार है,
विदेशी भाषा के अल्प ज्ञानी करते आधुनिकता का प्रचार है,
सौन्दर्यबोध की मूर्खता पर हावी नग्नता का व्यापार है,
माँ भारती चिंतित, किस डायन की नजरों से घायल भारतीय संस्कार है ...
आतंकवाद के षड्यंत्र में शूरवीरों की धरती फंसा बीच मझधार है,
लोकतंत्र की जन्मभूमि पर सत्ता हासिल करने को हाहाकार है,
समृद्धशाली सोने की चिड़ियाँ पर हावी कालाबाज़ार है,
माँ भारती चिंतित, किस डायन की नजरों से घायल भारतीय संस्कार है ...
काल के गर्भ में छिपा यह प्रचंड क्रांति का सूत्रधार है,
चिरनिद्रा में कृष्ण अर्जुन को माकूल वक्त का इंतिज़ार है,
रामायण और महाभारत की तरह दुष्टों का होने वाला संहार है,
माँ भारती चिंतित, किस डायन की नजरों से घायल भारतीय संस्कार है ...
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