मेरे जैसा कोई नहीं, भरी महफ़िल में आज उसने बताया है...
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
पैसा मैंने आजकल बहुत कमाया है,
इन पैसों के लिये कभी किसी ने मुझे ठुकड़ाया है,
उसी की लौटती बारात को इन पैसों ने लौटाया है,
मेरे जैसा कोई नहीं, भरी महफ़िल में आज उसने बताया है,
दूल्हा हैरान, दुल्हन ने मुझको वरमाला पहनाया है....
मैं उसके लायक नहीं ऐसा कभी उसने बताया है,
रब की मेहरबानी या इन पैसों ने प्यार जगाया है,
मेरे जैसा कोई नहीं, भरी महफ़िल में आज उसने बताया है,
दूल्हा अपमानित, मुझे आँख दिखाया है,
भरी महफ़िल में उसके भाइयों ने कन्धे पर बिठाया है,
मेरे हालात या मुझको इनलोगों ने अपनाया है,
मेरे जैसा कोई नहीं, भरी महफ़िल में आज उसने बताया है,
सब ख़ुश हैं, क्या ख़ूब सबक सिखाया है,
मेरे प्यार ने क्या दुर्गा रूप दिखाया है,
तुम्हें कैसे अपना लूं, इन्हीं पैसों के लिये तुमने भी बहुत रुलाया है
मेरे जैसा कोई नहीं, भरी महफ़िल में आज उसने बताया है,
दहेज को दैत्य सारे जहाँ ने बताया है,
मुझे नहीं मेरी ओकाद को तेरे अपनों ने अपनाया है,
मैं कैसे बताऊँ, अब इस दिल में किसी ओर ने आशियां बनाया है,
मेरे जैसा कोई नहीं, भरी महफ़िल में आज उसने बताया है,
मेरा प्यार पवित्र, तेरे लिये खुशियाँ मैंने चाहा है,
दूल्हा के हाथ उसकी हाथों को पकड़ाया है,
पैसों से मोहब्बत करने वालों से अलग अपना जहाँ मैंने बनाया है,
मेरे जैसा कोई नहीं, भरी महफ़िल में आज उसने बताया है,
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