वह मुझे नजर नहीं आ रहा है ...
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
तेरे इंतिज़ार में ये जो वक्त गुजरता जा रहा है,
तेरी एक झलक पाने को बेक़रार करता जा रहा है,
हर आने-जाने वाले चेहरे को मेरी नजर घूरती है,
जिस ख़ूबसूरत चेहरे की तलाश मुझे है, वह मुझे नजर नहीं आ रहा है ...
मेरे हाथों के फूलों का गुलदस्ता, मेरी बैचैनी का लुफ़्त उठा रहा है,
हर आने-जाने वाले को अपनी महक से लुभा रहा है,
मैं जिसके इंतिज़ार में पागल बना हूँ, उसे मेरे आस-बता रहा है,
जिस ख़ूबसूरत चेहरे की तलाश मुझे है, वह मुझे नजर नहीं आ रहा है ...
हवा भी कानों में गुदगुदा कर तेरी मौजूदगी को जता रहा है,
सांसो को जरा थाम कर रखो, कोई ख़ास तुमसे मिलने आ रहा है,
जिस बात को तुम दोनों बड़े शिद्दत से छुपाना चाह रहे हो,
उसे सारा जहाँ जान रहा है ...
जिस ख़ूबसूरत चेहरे की तलाश मुझे है, वह मुझे नजर नहीं आ रहा है ...
अब तो कोयल की कूक भी मेरी बैचेनी पर मुस्कुरा रहा है,
मेरे दिल की बेताबी को देख प्यार के नगमे गुनगुना रहा है,
अपनी दिलरुबा को आवाज लगाओ, वह देखकर तुमको मुस्कुरा रहा है,
जिस ख़ूबसूरत चेहरे की तलाश मुझे है, वह मुझे नजर नहीं आ रहा है ...
आकाश के झरोखों से आने वाली रोशनी भी सहमति जता रहा है,
तुमपर भी मेरा एतबार है,यहाँ हर कोई सच बता रहा है,
मेरे जान मुझे इतना तड़पा नहीं सकती, उसे भी मुझसे इतना प्यार है ..
जिस ख़ूबसूरत चेहरे की तलाश मुझे है, वह मुझे नजर नहीं आ रहा है ...
दिल में तुझसे मिलने की तड़प, चेहरा इन हंसी वादियों से मायूसी छिपा रहा है,
इंतिज़ार की हद्द से परेशान यह दिल, किसी मुसीबत का डर भी मुझे सता रहा है,
जिस ख़ूबसूरत चेहरे की तलाश मुझे है, वह मुझे नजर नहीं आ रहा है ...
तेरी हथेलियों का आंखो को स्पर्श, यह पल मेरी जिंदगी को बेहद खुशनुमा बना रहा है,
तेरी इस आंख-मिचौली के खेल से हुई मेरी नाजूक हालत को मेरी दिल की धड़कन बता रहा है,
अब तेरे बिन जीना कितना मुश्किल है, तेरी चेहरे की मुस्कुराहट बता रहा है ..
जिस ख़ूबसूरत चेहरे की तलाश मुझे है, वह मुझे अब नजर आ रहा है ...
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