तेरे बिन अब मुझे जिया नहीं जाये ...
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
तेरा यह खूबसूरत चेहरा, तेरी मदहोश निगाहें,
मेरी रातों की नींद, दिन का चैन चुराये,
तेरी हिरणी सी चाल, ये मनमोहक अदाएं,
तुझे बाहों में लेने को मजबूर करें,
तेरे बिन अब मुझे जिया ना जाये ...
शरमा कर तेरा यूं पलकें गिराना,
यूं इशारों में अपने दिल की बात बताना,
तेरी इन क़ातिलना निगाहों से मुझे भगवान बचाये,
तुझे बाहों में लेने को मजबूर करे,
तेरे बिन अब मुझे जिया ना जाये ...
अक्सर मेरे ख्वाबों में आना,
प्यार के दिलकश नगमे गुनगुनाना,
दिल पर मीठी छुरियां चलाना,
हर पल मेरी प्यास को बढ़ाये...
तुझे बाहों में लेने को मजबूर करे,
तेरे बिन अब मुझे जिया ना जाये ...
तेरी जुल्फों का यूं हवा में लहराना,
नजदीक आकर यूं दूरियां बढ़ाना,
दूर जाकर फ़िर नजरें मिलाना,
मेरी चाहत को आग लगाये,
तुझे बाहों में लेने को मजबूर करे,
तेरे बिन अब मुझे जिया नहीं जाये ...
ख्यालों को बयां करना इतना आसां नहीं,
इस दूरी से इतना भी दिल परेशान नहीं,
तेरा प्यार आसानी से पा लूँ, शायद रब इतना भी मेहरबान नहीं,
तेरे इनकार के डर से मेरा दिल जज्बातों को छुपाये,
तुझे बाहों में लेने को मजबूर करे,
तेरे बिन अब मुझे जिया नहीं जाये ..
वक्त का सिलसिला, कॉलेज का आख़री दिन,
तुम्हें खोने का डर, मुश्किल जिंदगी तेरे बिन,
भरी महफ़िल में मेरी जुबां से मोहब्बत का ऐलान कराये,
तुझे बाहों में लेने को मजबूर करे,
तेरे बिन अब मुझे जिया नहीं जाये ...
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