तुझे ख़ुश देख कर तेरा प्यार आज भी जिंदा है ..
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
तेरी खुशियों के लिये आज फ़िर महफ़िल में जाम छलका है,
नई जिंदगी तुम्हें मुबारक हो, मेरे गमों का बोझ हल्का है,
नजरें झुका कर ना जाने क्यों एक बेवफ़ा आज शर्मिंदा है,
तुझे ख़ुश देख कर तेरा प्यार अब भी जिंदा है...
तेरी झील से आंखो की गहराई में मुझे डूबने की आदत है,
मयखाने की जाम का मुझ पर कोई असर नहीं होता है,
तिरछी निगाहों से मत घूर मुझे, तेरे ख्यालों में क़ैद यह घायल परिंदा है,
तुझे ख़ुश देख कर तेरा प्यार अब भी जिंदा है...
यक़ीन कर मैं शरीफों की महफ़िल में शरारत नहीं करूंगा,
तेरी बेवफ़ाई के इजहार में कोई महाभारत नहीं करूंगा,
यह नाचीज गरीब सही, प्यार को पूजने वाला बंदा है,
तुझे ख़ुश देखकर तेरा प्यार अब भी जिंदा है...
सुना है, अब तुम किसी रईस की रानी हो गयी हो,
अपने किये वादों को भूल किसी की दिवानी हो गयी हो,
तुम पर भरोसा कर यह दिल बहुत शर्मिंदा है,
तुझे ख़ुश देख कर तेरा प्यार अब भी जिंदा है ...
तेरी इस दुनियाँ से मैं बहुत दूर जा रहा हूँ,
अंतिम विदाई में एक राज की बात बता रहा हूँ,
मेरी वफ़ा को सरेआम बेआबरू करने वाली, मेरा प्यार आज भी पावन गंगा है,
तुझे ख़ुश देखकर तेरा प्यार आज भी जिंदा है ...
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