My one of the best poem
यही मन का विश्वास है
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
कोई दिवास्वप्न में मग्न है,
कोई करता बहुत जत्न है,
दिल की गहराइयों में जिसके स्वप्न है,
जग करता उसका अभिनंदन है ..
राह कठिन, संघर्ष जटिल,
ये कर्मभूमि की पहचान है,
अंगारों पर जिसने चलना सीखा,
जग में वही महान है...
वाद-विवाद, जिंदगी बरबाद,
ईश्वर से भी लोग निराश है,
इम्तिहान का जिसने किया सामना,
वही सिकंदर जाबांज है...
संघर्ष त्याग का बलिदान मांगती है,
परिश्रम और समर्पण का ज्ञान मांगती है,
सत्यपथ की डगर बहुत मुश्किल है,
मानवता मनुष्य से समाधान मांगती है ...
पराजय से जिसने मुंह फेर लिया
स्वयं के पुरुषार्थ पर जिनका नहीं भरोसा
कृष्ण भी उसे मार्ग दिखा नहीं सकता
इन्द्र भी उसे विजय बना नहीं सकता
यही कालजयी पुरुषार्थ है,
यही मन का विश्वास है,
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